Biography (जीवन परिचय) / Cricketer

Yuvraj Singh Biography in Hindi, Family, Net Worth, Awards, Facts, Height

युवराज सिंह  (Yuvraj Singh)– युवराज ऐसे क्रिकेटर है जिन पर भारतीय क्रिकेट को गर्व है. इस चंडीगढ़ के स्टाइलिश खिलाडी ने भारत को कई मैच जीता कर दिए है और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से जाने जाते है. युवराज की जिंदगी उनके फैन्स के लिए एक खुली किताब की तरह थी. तो चलो युवराज के बारे कुछ बाते जानते है.

युवराज सिंह का जीवन परिचय

Yuvraj Singh Biography in Hindi

युवराज सिंह का जीवन परिचय निम्न सूची में दर्शाया गया है-

क्र.म. जीवन परिचय बिंदु जीवन परिचय
1. पूरा नाम युवराज सिंह
2. निक नाम युवी
3. जन्म तिथि’ 12 दिसंबर 1981
4. जन्म स्थान चंडीगढ, भारत
5. पिता योगराज सिंह
6. माता शबनम सिंह
7. भाई जोरावर सिंह
8. पत्नी हेज़ल कीच (गुरबसंत कौर)
9. धर्म सिख
10. पेशा भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेटर
11. बैटिंग स्टाइल बाएँ हाथ बल्लेबाज
12. बोलिंग स्टाइल स्लो लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स
13. कद 6 फुट 1 इंच
14. वजन 78 किलोग्राम
15. कोच / मेंटर योगराज सिंह (युवराज के पिता)

युवराज सिंह का जीवन परिचय, Yuvraj Singh Biography in Hindi

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बचपन और प्रारंभिक जीवन (Childhood and Early Life)

युवराज सिंह का जन्म 12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़, भारत में योगराज सिंह और शबनम सिंह के घर हुआ था। उनके पिता एक तेज गेंदबाज थे और भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलते थे। जब उनके माता-पिता का तलाक हुआ, तो उन्होंने अपनी मां के साथ रहने का फैसला किया।

युवराज ने अन्तराष्ट्रीय अंडर 14 रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप भी जीती है. लेकिन उनके पिता ने उनके सारे मेंडल्स फेक दिए थे और कहा था की वे सिर्फ क्रिकेट पर ही ध्यान दे. युवराज के पिता उन्हें रोज अभ्यास के लिए ले जाते थे. उन्होंने अपनी पढाई DAV पब्लिक स्कूल, चंडीगढ़ से की. युवराज ने बाल कलाकार के रूप में छोटे रोल भी किये, मेहँदी सांगा दी और पुट सरदार में उन्होंने छोटे किरदार निभाये है.

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व्यक्तिगत जीवन और विरासत (Personal Life and Legacy)

युवराज सिंह ने 12 नवंबर, 2015 को ब्रिटिश-मॉरीशस मॉडल और अभिनेत्री हेज़ल कीच से सगाई की, उन्होंने 30 नवंबर, 2016 को एक भव्य 10 दिवसीय समारोह में शादी की, जिसके बाद हेज़ल ने गुरबसंत कौर नाम अपनाया।

खेलने का तरीका (How to Play)

युवराज बाँए हाथ के बल्लेबाज है और दाँए हाथ के गेंदबाज है, जिसकी वजह से वे अपने करियर में बहुत आगे बढे. स्पिन गेंदबाज की तुलना में वे तेज गेंदबाज को अच्छा खेलते है. 2005 का इंडियन ऑइल कप युवराज के करियर का टर्निंग पॉइंट था. युवराज भारतीय क्रिकेट टीम के अच्छे फील्डर है वे कवर और पॉइंट पे फील्डिंग करते है. युवराज एक आक्रामक तेज बल्लेबाज है जिनका टी20 में 150 से ज्यादा का स्ट्राइक रेट है और 90 के आस-पास का ODI’s में है. कई लोग तो उन्हें विस्फोटक बल्लेबाज भी कहते है.

व्यवसाय (Yuvraj Singh Career)

युवराज सिंह, जिन्होंने 1995-95 में अपने 14 वें जन्मदिन से एक महीने पहले पंजाब अंडर -16 के लिए डेब्यू किया था, युवराज को अगले सीजन में U19 टीम में पदोन्नत किया गया और 1997-98 के रणजी ट्रॉफी के दौरान प्रथम श्रेणी में पदार्पण किया। उन्होंने 1999 में कूच बिहार ट्रॉफी फाइनल में बिहार की पहली पारी में 357 रन बनाए, और 2000 में, अंडर -19 क्रिकेट विश्व कप में प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट ’पुरस्कार प्राप्त किया।

अंडर -19 टीम के लिए उनके हरफनमौला प्रदर्शन की बदौलत, उन्हें 2000 आईसीसी नॉकऑउट ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में बुलाया गया और उन्होंने 3 अक्टूबर, 2000 को केन्या के खिलाफ एकदिवसीय क्रिकेट में पदार्पण किया। उन्होंने ‘मैन ऑफ द मैच’ पुरस्कार प्राप्त किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 84 रन बनाए और 41 रन बनाए और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक विकेट लिया, लेकिन बाद की ट्राई सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें छोड़ (Drop) दिया गया।

वापसी करने पर, उन्होंने एक मैच में नॉटआउट 98 रन बनाए और 2001 कोका-कोला कप में श्रीलंका के खिलाफ पूरी श्रृंखला में 8 विकेट लिए। खराब फॉर्म के चलते उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की और मार्च 2002 में दलीप ट्रॉफी में 209 रन बनाए। उन्हें राष्ट्रीय टीम में तब बुलाया गया, जब भारत एकदिवसीय श्रृंखला में जिम्बाब्वे के खिलाफ 1-2 से पीछे चल रहा था और तब युवराज ने अंतिम दो मैचों में 80-नॉट-आउट और 75 के दो मैच विनिंग नॉक खेले।

वेस्टइंडीज के खिलाफ एक और खराब श्रृंखला के बाद, उन्होंने 2002 में इंग्लैंड और श्रीलंका के खिलाफ नेटवेस्ट सीरीज में निरंतरता दिखाई, जिसके दौरान उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से प्रदर्शन किया। इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल विशेष रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि उन्होंने 69 रन बनाकर मोहम्मद कैफ के साथ मिलकर वनडे क्रिकेट में भारत की सबसे बड़ी जीत में से 326 रनो का का सफलतापूर्वक पीछा किया।

2003 के आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के बाद के खेलों में, उन्होंने भारत के लिए जीत की पटकथा के लिए कुछ तेज अर्द्धशतक बनाए और 11 अप्रैल, 2003 को बांग्लादेश के खिलाफ अपना पहला शतक बनाया। उन्हें मई 2003 में यॉर्कशायर काउंटी क्रिकेट क्लब द्वारा हस्ताक्षरित किया गया था। सचिन तेंदुलकर के बाद क्लब के लिए खेलने वाले दूसरे भारतीय क्रिकेटर बने।

Yuvraj Singh Career Summary




उन्होंने 16 अक्टूबर, 2003 को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया, लेकिन टेस्ट में अच्छे स्कोर न बनाने के साथ-साथ निम्नलिखित टीवीएस कप एकदिवसीय त्रिकोणीय श्रृंखला में भी असफल रहे। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और ज़िम्बाब्वे के खिलाफ त्रिकोणीय श्रृंखला में 314 रन बनाए और पाकिस्तान के खिलाफ निराशाजनक एकदिवसीय श्रृंखला का अनुसरण करते हुए, उन्होंने टेस्ट श्रृंखला में अपना पहला शतक और अर्धशतक बनाया।

2004 के अंत तक, उनका फॉर्म एकदिवसीय और टेस्ट दोनों में लगातार खराब होता गया, लेकिन 2005 के मध्य में इंडियन ऑयल कप त्रिकोणीय श्रृंखला में भारत के लिए अग्रणी रन-स्कोरर के रूप में उभरा। उन्होंने बाद के वर्षों में अपना अच्छा फॉर्म जारी रखा, छह एकदिवसीय शतक और दो टेस्ट शतक बनाए, इसके अलावा कई पचास से अधिक नॉक ने भारत को खराब शुरुआत से उबारा।

सितंबर 2007 में, उन्हें दक्षिण अफ्रीका में ICC वर्ल्ड ट्वेंटी 20 के उद्घाटन के लिए भारतीय टीम का उप-कप्तान नामित किया गया, जिसे उन्होंने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के लगाकर यादगार बना दिया। बाद में उन्हें एकदिवसीय टीम का उप-कप्तान भी नामित किया गया, जिसके बाद उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ एक अच्छी सीरीज़ खेली, जिसमें उन्होंने एकदिवसीय मैचों में चार अर्द्धशतक और टेस्ट में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ 169 रन बनाया।

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उनका सबसे बड़ा प्रदर्शन 2011 के ICC क्रिकेट विश्व कप में आया, जहां उन्होंने 362 रन बनाए, जिसमें एक शतक और चार अर्द्धशतक शामिल थे, और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट सम्मान हासिल करने के लिए 15 विकेट लिए। हालाँकि, उन्हें जल्द ही फेफड़े में एक स्टेज -1 कैंसर के ट्यूमर का पता चला था और आईसीसी वर्ल्ड ट्वेंटी 20 के लिए सितंबर 2012 में क्रीज पर लौटने से पहले उन्हें महीनों के उपचार से गुजरना पड़ा था।

वह विश्व ट्वेंटी 20 अभियान में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए, लेकिन बल्ले से प्रदर्शन करने में असफल रहे। वह कुछ अर्द्धशतकों को छोड़कर टेस्ट में अपने अवसरों के साथ-साथ सीमित ओवरों के मैचों में भी उपयोग करने में विफल रहे, लेकिन 2014 के विश्व ट्वेंटी 20 के लिए उन्हें वापस बुलाया गया, जिसके दौरान उन्होंने कई बड़ी साझेदारी का सफलतापूर्वक निर्माण किया।

उन्हें 2015 क्रिकेट विश्व कप के लिए नहीं लिया गया था, लेकिन जनवरी, 2016 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए T20ISquad में लौट आए | रणजी ट्रॉफी में पांच मैचों में 672 रन के साथ, उन्हें जनवरी 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला के लिए चुना गया था, और अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 150 रन के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच ’पुरस्कार प्राप्त किया।

दी वर्ल्ड कप हीरो युवराज सिंह (The World Cup Hero Yuvraj Singh)

युवराज सिंह भारत के अंतराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी है. युवराज भूतपूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और पंजाबी एक्टर (Actor) योगराज सिंह के बेटे है. युवराज भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य है जो अक्टूबर 2000 से एकदिवसीय क्रिकेट (ODI’s) खेल रहे है और उन्होंने अक्टूबर 2003 में अपना पहला अंतराष्ट्रीय टेस्ट मैच खेला था. 2007 से 2008 तक युवराज भारतीय क्रिकेट टीम के उप-कप्तान थे. युवराज 2011 के ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप के मैन ऑफ़ दी टूर्नामेंट भी रह चुके है और ICC वर्ल्ड टी20 के टॉप परफ़ॉर्मर भी रह चुके है और उनकी बदौलत भारत ने इन दोनों कप (वर्ल्ड टी20 & क्रिकेट वर्ल्ड कप) को जीता है. युवराज ने 2007 में ICC वर्ल्ड टी20 में इंग्लैंड के खिलाफ स्टुअर्ट ब्रॉड को 6 गेंदों में 6 छक्के मारे थे हालाँकि यह पहले 3 बार हो चूका था पर कभी अंतराष्ट्रीय खेल और टेस्ट क्रिकेट टीम के बिच नही हुआ था और साथ ही उसी मैच में उन्होंने सबसे तेज़ अर्ध शतक भी लगाया था. युवराज ने महज 12 गेंदों में अर्ध शतक बनाया था.

2011 में युवराज को बाँए फेफड़े में कैंसर का ट्यूमर हो गया तो वे कीमोथेरेपी (Chemotherapy) के लिये बोस्टन (Boston) और इंडिआनापलिस (Indianapolis) गये थे. मार्च 2012 में युवराज की 3 कीमोथेरेपी की साइकिल ख़त्म हुई और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली और फिर अप्रैल में वे वापिस भारत आए. फिर सितंबर में टी20 मैच में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ भारतीय अंतराष्ट्रीय क्रिकेट टीम में युवराज ने वापसी की जोकि ठीक टी20 वर्ल्ड कप 2012 के पहले था.

युवराज को 2012 में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा “अर्जुन” पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 2014 में युवराज “पद्मश्री” पुरस्कार से भी सम्मानित किये गए जो की भारत का चौथा सबसे बड़ा अवार्ड है. 2014 में रॉयल चैलेंजर बंगलोर ने युवराज को IPL की नीलामी में सबसे महंगा खिलाडी 14 करोड़ में ख़रीदा. 2015 की IPL नीलामी में दिल्ली डेयरडेविल्स ने युवराज को 15 करोड़ में ख़रीदा. 2016 की IPL नीलामी में सनराइजर हैदराबाद ने युवराज को 7 करोड़ में ख़रीदा.

पुरस्कार और उपलब्धियां (Awards and Achievements)

2007 ICC वर्ल्ड ट्वेंटी 20 के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच में, युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड पर छक्के लगाए और सबसे तेज अर्धशतक दर्ज किया, जो उन्होंने 12 गेंदों में बनाया था।

भारत सरकार ने उन्हें 2012 में अर्जुन पुरस्कार और 2014 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया।

Yuvraj Singh Networth:

Yuvraj Singh Net Worth is Rs. 250 Crore INR.

युवराज सिंह का इंटरनैशनल क्रिकेट से संन्यास (Yuvraj Singh Retirement)

10 जून 2019 को, युवराज ने क्रिकेट के सभी रूपों से अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की। उन्होंने आखिरी बार जून 2017 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ भारत का प्रतिनिधित्व किया था |




दी वर्ल्ड कप हीरो के बारे में कुछ रोचक तथ्य (Some Interesting Facts About The World Cup Hero)-

  1. युवराज ने स्टुअर्ट ब्रॉड को 6 गेंद पर 6 छक्के मारे थे जोकि उनकी सबसे बड़ी सफलता में से एक है. इससे पहले यह सीनियर क्रिकेट में 3 बार हो चूका था. लेकिन पहली बार टी20 में और पहली बार ही अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में हुआ था.
  2. युवराज के फैन्स उन्हें युवी के नाम से पुकारते है. उनको प्रिंस ऑफ़ इंडियन क्रिकेट भी कहा जाता है क्योकि उनके नाम का मतलब प्रिंस होता है
  3. युवराज ने अपनी सबसे लंबी पारी अंडर 19 की टीम में बिहार के विरुद्ध कोच बहार ट्राफी में खेलकर 358 रन बनाए थे. फिर युवराज ने 1999 से 2000 में हरियाणा के खिलाफ रणजी ट्राफी में 149 रन बनाए.
  4. 2014 के IPL में RCB ने युवराज को 14 करोड़ में ख़रीदा था. फिर 2015 में युवराज को 16 करोड़ में ख़रीदा फिर 2016 की आईपीएल नीलामी के वे सबसे महंगे खिलाडी बने.
  5. Yuvraj Singh ने अपनी ऑटोबायोग्राफी लिखी है और उसको नाम दिया “माय लाइफ : फ्रॉम क्रिकेटर टू कैंसर एंड बैक”
  6. तीनो कप में भाग लेने वाले युवराज ऐसे पहले खिलाडी बने थे. ICC अंडर 19 वर्ल्ड कप 2000 में, टी20 वर्ल्ड कप 2007 में और वर्ल्ड कप 2011 में. भारत इन तीनों वर्ल्ड कप को जीता था और युवराज का तीनो कप जितने में अहम योगदान था. 2011 के वर्ल्ड कप में युवराज मैन ऑफ़ दी सीरीज रहे और 2011 के वर्ल्ड कप में वे 4 बार मैन ऑफ़ दी मैच भी रहे.
  7. युवराज हमेशा बॉलीवुड अभिनेत्रीयो के साथ दिखे है. वो भारतीय टीम के पोस्टर बॉय थे. युवी दीपिका पादुकोण के साथ भी थे. उन्होंने किम शर्मा को भी डेट किया. 12 नवंबर, 2015 को ब्रिटिश-मॉरीशस मॉडल और अभिनेत्री हेज़ल कीच से सगाई की, उन्होंने 30 नवंबर, 2016 को एक भव्य 10 दिवसीय समारोह में शादी की.
  8. . कैंसर से लढने के बाद युवी ने अपना NGO खोला, You We Can जहा अब तक 100 से ज्यादा कैंसर के मरीजो का इलाज हो चूका है.

Note—» दोस्तों आपको ये Yuvraj Singh Biography in Hindi (युवराज सिंह का जीवन परिचय) कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताना और इस पोस्ट को अपने दोस्तों में ज्यादा से ज्यादा शेयर करना ताकि वो भी अपनी जिंदगी में सही फैसला ले सके और हम आपको बता दे की हम ऎसी ही प्रेरणादायक कामयाब लोगो की कहानिया आप तक पहुंचाते रहेंगे|

A Request: अगर आप भी अपना पॉइंट ऑफ़ व्यू देना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं!! Thanks!!

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2 Comments

  1. good job sir

    Reply
  2. Very good post. I will be going through some of these issues as well..

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